आत्मचिंतन के सूत्र: | तनाव मुक्त जीवन जीने के लिए कुछ सूत्र! | Sudhanshu Ji Maharaj

आत्मचिंतन के सूत्र: | तनाव मुक्त जीवन जीने के लिए कुछ सूत्र! | Sudhanshu Ji Maharaj

तनाव मुक्त जीवन जीने के लिए कुछ सूत्र!

आत्मचिंतन के सूत्र:

तनाव मुक्त जीवन जीने के लिए कुछ सूत्र!

एकांत में बैठे और आत्म चिंतन करें। तनाव के कारण क्या है? पहले कारण ढूंढे और उसके अनुसार उपाय करें।

तनाव के कारण खत्म किए तो भी आपको तनाव मुक्त होने के लिए कुछ समय लगेगा क्योंकि आपको तनाव में रहने की आदत पड़ गयी है।तनाव रहित रहने के लिए ध्यान और योग निद्रा का उपयोग करें।

तनाव दूर करने के बाद जब आपको होश रहे लेकिन आपका मस्तिष्क सो जाए तो आप अल्फा लेवल में पहुंचे। फिर डेल्टा तरंगे आएगी जो विश्राम और नींद की तरंगे है। इस स्थिति में आप जो भी सुझाव खुद को दें वह जिंदगी में घटेगा।

सकारात्मक सोच से मन में, मस्तिष्क में सुझाव दोहराए

सकारात्मक सोच से मन में, मस्तिष्क में सुझाव दोहराए – मैं सौभाग्यशाली हूं ,मैं विजेता हूं, मैं सुलझा हुआ हूं, मैं आनंदी हूं, खुशहाल हूं ,कर्मठ हूं, कर्मशील हूं, समय का ध्यान रखने वाला ,धैर्यशील और हर क्षण का उपयोग करने वाला हूं। मैं परमात्मा का लाडला बेटा हूं और हर दिन उसका आशीर्वाद पाता हूं।

स्वयं को नित्ये प्रति तनाव मुक्त रहने के सुझाव दीजिये! सुझाव का मतलब है आप अपनी जिंदगी आनंद की ओर लेकर जा रहे हो।

आपके अंदर जो विचार है उसके अनुरूप आपका व्यवहार बनता है। इसमें आप की संगति, विचार और समाज भी काम करते हैं।

कल्पना सृजन का आरंभ है। हर निर्माण से पहले उसकी कल्पना की जाती है।

आप भी खुद का निर्माण करना चाहते हो- जहां पहुंचना चाहते हो उसकी कल्पना करें, वैसे सपने देखें ,वैसे विचार करें। उसकी एक मूवी बनाएं और रात में सोते समय भगवान का नाम लेकर, उसका आशीर्वाद लेकर, वह मूवी दोहराए। वही सब आपके जीवन में आएगा।

9 Comments

  1. अमोल सिंह चौहान says:

    हे गुरुवर आपकी कृपा सदा हमारे ऊपर बनी रहे मेरे सारे क्लेश स्वयं समाप्त हो जायेंगे

  2. Affirmations make a difference in managing our minds.Such pieces of advice are welcome.

  3. Archana says:

    नित्य नेम करि पाठ कर चालीसा आप सब की मनोकामना पूर्ण करहू जगदीशा

  4. मन्ना लाल says:

    तनाव के कारणों पर चिंतन करने एवं उनके निवारण उपाय पर विचार करने से , तनाव कम नहीं होगा क्योंकि चिंतन ही तनाव का मूल कारण है । चिन्तन रहित स्थिति में ही मन शांत हो सकता है और तनाव दूर हो सकता है । चिंता / चिंतन से छुटकारा पाने के लिये ही ध्यान का सहारा लिया जाता है । संसार का चिंतन या जीवन की समस्याओं का चिन्तन कदापि शांति नहीं दे सकता ।
    आत्म चिंतन ही शांति दे सकता है । आत्म चिंतन क्या है ?
    आदरणीय , श्री सुधांशु जी महाराज , आत्म चिंतन पर प्रकाश डालने की कृपा करें ।

  5. Manna Lal says:

    कृपया मेरी टिप्पड़ी को स्वीकृति प्रदान करें ।

  6. गुरु ब्रह्मा गुरु विष्णु गुरु देवो महेश्वर।। गुरु साक्षात् परब्रह्म तस्मै शि गुरुवे नमः।। ॐ श्री सदगुरु चरण कमले भयो नमः। ओम नमः शिवाय।।

  7. Neeta Aswani says:

    praman Guru dev

  8. Sambhu mahayo says:

    Hy satguru aapke charno me koti koti namah hy mere prabhu apki asim kripa mujhe jindagi jine ka Tarika mila hai hamesha mai aapke charno sharan me rhun sada apki kshatr chhaya me pelun badhna aapki jai ho

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