आत्मचिंतन के सूत्र: जीवन को आनंद का केंद्र बनाने के कुछ सूत्र! योगरतो वा भोगरतोवा सङ्गरतो वा सङ्गविहीनः । यस्य ब्रह्मणि रमते चित्तं नन्दति नन्दति नन्दत्येव […]
प्रार्थना श्रद्धाभाव से दोनों हाथ जोड़िए और प्रेम पूर्वक आंखें बंद करें। माथा शांत करें, चेहरे पर मुस्कान, आंखों की पुतलियां बंद पलकों में स्थिर कर […]