दोनों हाथ जोड़ लीजिए सभी लोग! आंखें बंद रखिए! थोड़ी देर के लिए अपना ध्यान परमात्मा के चरणों में लाते हुए पूरे संसार की चिंता, दबाव, तनाव सबको हटा लीजिए। हृदय में परमात्मा का आह्वान कीजिए, उसकी पवित्र ज्योति आपके हृदय में जागृत हो, मन को पवित्र करें, स्वयं को शांत करें। चेहरे पर शांति के भाव के साथ अपने होठों पर मुस्कुराहट, प्रसन्नता लाने की कोशिश कीजिए। सिर से लेकर पांव तक शांति और स्थिरता लाएं और प्रेम से प्यारे प्रभु को ध्यान में लाइए और प्रार्थना कीजिए।
हे प्यारे प्रभु! हम आपकी शरण में हैं, आपको प्रणाम करते हैं! आपके समस्त कृपाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। हमारा ये जीवन जो आपका वरदान है, इसे हम और ऊंचा और अच्छा बना सकें। हमारे नियम अच्छे हो सकें। हमारा जीवन अनुशासित हो, हमारा सोना, जागना समस्त दिनचर्या, हमारे कर्म करने का ढंग सभी सुव्यवस्थित हो जाए। हम अपनी बुद्धि का प्रयोग अच्छे निर्णयों के साथ साथ अच्छी योजनाओं में करें।
भावी जीवन की अच्छी योजना बना सकें! और उसके लिए कर्म करें, उत्साहित हों! उन योजनाओं के अनुरूप चलते-चलते जीवन के लक्ष्य को प्राप्त करें। हर दिन शांत रहें, प्रसन्न रहें, हृदय प्रेम से परिपूर्ण रहे। मन मस्तिष्क हमारा शान्त हो, हम अपना चारों तरफ का वातावरण को अच्छा बना सकें। हमारी वाणी में माधुर्य रहे। हमारे व्यवहार से सबको शांति मिले, हमारे अंदर एक आकर्षक व्यक्तित्व बन जाए, जिससे सब हमारे उस चुंबकीय व्यक्तित्व के साथ जुड़ सकें। सबको हम अपना बनाएं। सबके हम हो जाएं और हमारे जाने के बाद भी हमारे शरीर का एक दूसरा रूप कीर्ति का शरीर इस दुनिया में हमेशा रहे, यही विनती है प्रभु! स्वीकार कीजिए प्रार्थना को।